इंडियन ऑयल का पहला बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन शहर में शुरू, यातायात को मिलेगा अब ज्यादा ताकत

AR News Digital Desk, इंडियन ऑयल का पहला बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन : ड्राइवरों को पूरी तरह से चार्ज बैटरी के लिए जल्दी से ख़त्म हो चुकी बैटरी को बदलने के लिए इसके सुविधाजनक और कुशल समाधान तक पहुंचने की अनुमति मिलेगी।

इंडियन ऑयल का पहला बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन

सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने कोलकाता में सोमवार को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए अपना पहला बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन खोला। भाषा की खबर के मुताबिक, कंपनी ने सन मोबिलिटी के सहयोग से शहर के पूर्वी इलाके में न्यू टाउन में अपने खुदरा आउटलेट पर सुविधा खोली है, यह टिकाऊ और सुलभ इलेक्ट्रिक गतिशीलता समाधानों को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम है। शहर भर में दोपहिया और तिपहिया ईवी के लिए इंडियन ऑयल का पहला बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन तकनीक पूरे भारत में गेम-चेंजर साबित हुई है।

ईवी को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद

इंडियन ऑयल का पहला बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन की खबर के मुताबिक, आईओसी के निदेशक (विपणन) वी. सतीश कुमार ने कहा कि बैटरी-स्वैपिंग तकनीक टिकाऊ इलेक्ट्रिक गतिशीलता समाधानों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है। इस सुविधा से पूर्वी भारत में ईवी को अपनाने और अग्रणी ऊर्जा परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। आने वाले महीनों में, IOC, सन मोबिलिटी के साथ मिलकर, अपने रिटेल आउटलेट्स पर ज्यादा बैटरी-स्वैपिंग सुविधाएं स्थापित करेगा, जिससे ड्राइवरों को पूरी तरह से चार्ज बैटरी के लिए जल्दी से ख़त्म हो चुकी बैटरी को बदलने के लिए इसके सुविधाजनक और कुशल समाधान तक पहुंचने की अनुमति मिलेगी।

इंडियन ऑयल का पहला बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन यह तेजी से टर्नअराउंड समय को सक्षम बनाता है, जिससे ईवी उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुविधाजनक हो जाती है। सन मोबिलिटी के सीईओ अनंत बडज़ात्या ने विस्तार से बताया कि अत्याधुनिक तकनीक भविष्य में गतिशीलता को बढ़ावा देगी और ईवी यूजर्स के लिए बाधाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यूपी में भी सरकार कर रही बड़ी तैयारी

इंडियन ऑयल का पहला बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन की उत्तर प्रदेश में भी राज्य सरकार सभी एक्सप्रेसवे पर पब्लिक इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन (EV Charging Stations) सेट अप करने जा रही है। खबर के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर ई-व्हीकल के लिए बैटरी स्वैपिंग चार्जिंग स्टेशन डेवलप करने होंगे। भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है।

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