Char Dham Yatra – चारधाम की यात्रा शुरू होते ही आ गई बड़ी खबर यामोनोत्री सहित इन धामों की यात्रा करे स्थगित

Char Dham Yatra – बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा 2024 की विधिवत शुरुआत हो गई है। इस बार चार धाम यात्रा के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पहले दो दिनों में श्रद्धालुओं ने केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में पहुंचने का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भारी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के कारण सरकार प्रशासन से लेकर आम तीर्थयात्रियों तक को परेशानी हो रही है।

यमुनोत्री धाम में भीड़ उमड़ने के कारण हाइवे से लेकर पैदल रास्ते तक जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। तीर्थ यात्री इसमें फंसे रहे। बिना दर्शन करे ही उन्हें लौटना पड़ा। यमुनोत्री धाम में भारी भीड़ के कारण उत्तराखंड पुलिस ने श्रद्धालुओं के लिए अपील जारी की है। उन्होंने तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया है कि रविवार को यमुनोत्री धाम की यात्रा स्थगित करें।

पहले ही वहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इस कारण अगर आज तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम की तरफ जाते हैं तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहां जाना जोखिम भरा हो सकता है।

पिछले साल से डेढ़ गुना अधिक भीड़
चार धाम यात्रा में केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में उमेश श्रद्धालुओं ने नया रिकॉर्ड बना दिया। पिछले साल के पहले दो दिनों की तुलना में 50 फीसदी से ज्यादा श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए। गंगोत्री मंदिर में जरूर पिछले साल के मुकाबले पहले दिन संख्या कम रही, लेकिन शनिवार को वहां भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई।

चार धाम और मंदिर में दर्शन के लिए अब तक 24 लाख 42 हजार से ज्यादा श्रद्धालु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। केदारनाथ धाम में 2023 में कपाट खुलने के दिन 25 अप्रैल को 18,335 और दूसरे दिन 26 अप्रैल को 13,492 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस साल 10 मई को कपाट खुलने के दिन ही 29,030 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे। दूसरे दिन 11 मई को 22,599 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए।

यमुनोत्री धाम में वर्ष 2023 में कपाट खुलने के बाद पहले दिन यानी 22 अप्रैल को 6838 श्रद्धालुओं ने दर्शन किया था जबकि दूसरे दिन 23 अप्रैल को 7593 श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे थे। इस साल 10 मई को कपाट खुलने के दिन ही 12,193 और दूसरे दिन 11 मई को 8009 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम की यात्रा की।

यात्रा मार्ग पर बढ़ा है वाहनों का दबाव
चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंच रही है। यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर पहले ही दिन से ही वाहनों का भारी दबाव देखा जा रहा है। जाम जैसी स्थिति बनने के कारण शनिवार को यमुनोत्री के यात्रा पड़ावों पर रोक गए कई यात्रियों को बिना दर्शन किए लौटना पड़ा। पैदल मार्ग पर भी भारी भीड़ के कारण अव्यवस्था बनी रही। यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के दिन शुक्रवार को जो यात्री यमुनोत्री गए थे,

उनमें से अधिकांश तीर्थयात्री शाम को भी बड़कोट नहीं लौट सके। इन यात्रियों ने बड़कोट में वापसी के लिए कमरा बुक कराया था। उनकी वापसी नहीं होने का कारण हनुमान चट्टी के पास जाम लगना बताया जा रहा है। कई यात्रियों को गाड़ियों में ही रात गुजारनी पड़ी।

हालांकि, कुछ पड़ावों पर पुलिस ने वाहनों को रोक दिया था, ताकि यमुनोत्री में भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। शनिवार को दूसरे दिन जो यात्री जाम के कारण यमुनोत्री नहीं जा सके, वह दर्शन किए बिना ही बड़कोट आ गए। शनिवार को भी जानकी चट्टी में जाम लगता रहा। पुलिस ने पालीगाड़ में ही वाहनों को रोका। वहां से से रुक-रुक कर यात्री वाहनों को जानकी चट्‌टी के लिए छोड़ा गया।

डीएम ने दुरुस्त कराई व्यवस्था
यमुनोत्री धाम में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को चौकस किया गया है। प्रशासन ने दावा किया है कि पैदल मार्ग और हाइवे पर इंतजामों को दुरुस्त कर लिया गया है। यमुनोत्री मार्ग पर वाहनों को चिह्नित स्थानों पर कुछ समय के लिए रोकने के बाद नियंत्रित तरीके से रवाना किया जा रहा है। डीएम डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त किए जाने की जानकारी दी। डीएम ने कहा कि हाइवे पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है। साथ ही, जानकी चट्टी से यमुनोत्री पैदल मार्ग पर डडी-कंडी और घोड़े-खच्चरों को रोटेशन के अनुसार चलाया जा रहा है।

डीएम ने कहा कि जाम से निपटने के वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भारी भीड़ वाले दिनों के लिए बनाए गए भंडेलीगाड के लगभग ढाई किलोमीटर लंबे वैकल्पिक वन मार्ग को भी पहले ही दिन घोड़े-खच्चरों के लिए एक तरफ से जाने के लिए खोल दिया गया है। इससे पैदल मार्ग पर आवाजाही सुचारू बनी रही।

यमुनोत्री में दो श्रद्धालुओं की मौत
चार धाम यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को यमुनोत्री की यात्रा पर आए दो श्रद्धालुओं की हार्ट अटैक से मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पंचनामे की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार, पिछले शुक्रवार की शाम जानकी चट्टी पैदल मार्ग में दो अलग-अलग स्थानों पर हार्ट अटैक से श्रद्धालुओं की मौत हुई है। यमुनोत्री में मध्य प्रदेश के सागर जिले के 71 वर्षीय रामगोपाल और उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की 69 वर्षीय विमला देवी की हार्ट अटैक से मौके पर ही मौत हो गई।

एसएचओ संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि दोनों यात्री जानकी चट्टी से यमुनोत्री के लिए पैदल चढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान ही उन्हें हार्ट अटैक आया। इससे दोनों यात्रियों को जान गंवानी पड़ी। जानकारी मिलने पर उन्हें जानकी चट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

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